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Thursday, 9 April, 2009

कांग्रेस के ख़िलाफ़ सिक्खों का गुस्सा एकदम ज़ायज़ है

अभी हाल में एक सिख पत्रकार ने गृहमंत्री पी चिदंबरम पर जूता फ़ैंका। उस पत्रकार की चिदंबरम से कोई ज़ाती दुश्मनी नहीं हैं। दरअसल, उसने चिदंबरम पर नहीं, कांग्रेस के सिख विरोधी नज़रिये पर जूता फैंका है। यह घटना कांग्रेस के प्रति सिखों के गुस्से को भी नए सिरे से ज़ाहिर करती है जो एकदम ज़ायज़ है।

1984 के सिख क़त्ले-आम के बाद सिख समुदाय लगातार कांग्रेस के कुछ नेताओं खासकर एच के एल भगत, सज्जन कुमार और जगदीश टाईटलर के खिलाफ़ अपना विरोध ज़ाहिर करता रहा है। लेकिन सीबीआई ने लगतार उनके विरोध को नज़र अंदाज किया है। अंतत: सीबीआई ने इन नेताओं को क्लीनचिट दे दी। सीबीआई का कहना है कि इन नेताओं के खिलाफ़ उसके पास कोई पक्के सबूत नहीं हैं। इन नेताओं के खिलाफ़ उसके पास कोई चश्मदीद गवाह नहीं है। कहने की जरूरत नहीं कि अनेक विवादास्पद मामलों में सीबीआई की जाँच प्रक्रिया भी शक के दायरे में आती रही है।

कांग्रेस के ये चहेते और चुनाव जिताऊ नेता भी बार-बार ये कहते रहे हैं कि सिखों के कुछ राजनीतिक दल इनका राजनीतिक करियर बर्बाद करना चाहते हैं। क्या सारा सिख समुदाय पागल हो गया है जो इन नेताओं के पीछे हाथ धो कर पड़ गया है और लगातार इन नेताओं का विरोध कर रहा है।

1984 के सिख क़त्ले-आम के बाद बहुत से नागरिक मानवाधिकार और समाज सेवी संगठनों ने इस घटना की स्वतंत्र और निष्पक्ष जाँच-पड़ताल की है। उनकी रपटों में सैकड़ों लोगों की आपबीती और बयान दर्ज़ हैं। सीबीआई को इससे क्या मतलब? कांग्रेस को इससे क्या लेना देना? सिख समुदाय के लगातार विरोध को दरकिनार करके इन नेताओं को टिकट देना कांग्रेस के ग़ैर जिम्मेदार और सिख विरोधी नज़रिये का खुलासा है। एक सिख को देश का प्रधान मंत्री बना देने से कांग्रेस के इन नेताओं के पाप कम नहीं हो जायेंगे। इस घटना के बाद कांग्रेस को अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए। कांग्रेस को 1984 के चश्मदीद गवाहों को सुरक्षा की गारंटी देकर इस घटना की दोबारा निष्पक्ष जाँच करानी चाहिए।

मुकेश मानस



2 comments:

  1. aap ne theek hee likha hae. maen yeh jodna chahhoonga ke chahey kisee bhee party kee sarkar rahee ho, agar jansanhaar daliton yaa minorities kaa hota hae to ek yaa keyee commission bitha diye jate haen aur kisee ko saza naheen hoti hae.
    shamsul islam.

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  2. 1984 s lekar aajtk kitne jansanhaar hote aaye kv sikkho pe to kv dalito p to kv kisano pe.... Na Jane or kitne hote rhenge pr ese khatm krne ka rasta nh smjh aata or sayad ye hum sbko milkr krna hoga qki hmare sarkar kv eska ilaj nh dhundegi wo to support krti h uski investigation hone nh deti , sare sabuto k hote huye v saja sunai nh jati .......

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