Total Pageviews

Wednesday 7 April 2010

"स्वतंत्रतापूर्वक बोलने की इच्छा के साथ हममें यह विवेक होना भी आवश्यक है कि हम इस तरह बोलें कि हमारी बात सुनी जा सके"
एडवर्ड सईद  

No comments:

Post a Comment